Vikas Purohit "Poorve"

A New Age Writer and Poet

ना जाने कब से शुरुआत करने का सोच रहा था 
मगर जिंदगी के इम्तिहानों ने खुद के लिए वक़्त ना दिया 
आखिर इच्छाओ की प्रबलता ने जीत हासिल कर ही ली 
ला खड़ा किया मुझे नई मंजिल के रास्तों पर 
उम्मीद है वो सब कुछ हासिल होगा जिसका सपना  है 

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