Vikas Purohit "Poorve"

A New Age Writer and Poet

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चुनाव आते ही

मुझे पता है तुम
वही करोगे फिर से
चुनावआते ही
वही वादेफिर से,
वहीघोषणाएं फिर से
मगरनहीं समझोगे कि
दिलतोड़कर जोड़ने से
रहजाती है दरारें
झांकते हैं जिनमे से
जख्म, दर्द, हर वक्त
तन पर कपड़ा डालने से
नहींलौट आती लुटी आबरू
नाही अब खाना देने से
पायेगी लौट कर
उनभूखी रातों की नींद
तुमसमर्थ हो
सबकुछ भूल कर
मुस्कुराने में
मगरहमने तो सहा है सब
कैसे भूलेंगे हर पल
टूटते सपनोको
अपनीमजबूरियों को
भूखसे नीचे दब कर
देशके लिए कुछ ना
करपाने की बेबसी को
मगरतुम नहीं समझोगे ये सब
करोगेढोंग अच्छे बनने का फिर से
औरभी सब कुछ वही फिर से
जोकरते हो हर बार
चुनाव आते ही

मेरे रेल का सफ़र

बाहर शोर शराबा, भीतर एक सन्नाटा
जैसेदर्शक बन कर सफ़र ये मैंने काटा
सबकुछ जैसे आतुर, दिल मेंबस जाने को
कोशिश कर रहे हैं मुझमे मिल जाने को
अजनबी सारे चेहरे, नकाब रखे हैं पहने
चेहरों से ज्यादा सबके चमक रहे हैं गहने
नकलीमुस्कान लगाए हर बात पे आँख मिलाये
सच्चाई जान कर भी, दिल कैसेयकीं लुटाये
व्यस्त अपनी अपनी पीड़ा सब कहने में
वीरबड़े हैं लगते, तकलीफेंसब सहने में
हालतसाझा कर के साझा ढानढस बंधाते
परिवार से भी ज्यादा खुद अपना स्नेह लुटाते
कैसेकह रहे हैं, सब अपनीनिज गाथाएँ
कोशिशमें हैं जैसे, सबकी आँखोंमें छा जाएँ
कौनकरेगा याद कल इनमे सेकिसी को
फिरमिल भी ना पाएंगे जिंदगी में कभी तो
कितना सच, कितना झूठ, कोई नहीं बुझेगा
मेरामैं तो जानूं, फिर क्योंपूछूं दूजे का
कुछसफ़र ख़त्म करते हैं, कुछ उनकीजगह हैं लेते
शामिलहोते सबकी आधी बातों के बीच में से
कोईसाफ़ करेगा फर्श, अपने मैलेकपड़ों से
साफ़करके बोलेगा ना, मांगेगाबस नज़रों से
कोईकरेगा मेहनत कुछचीजें बेचने की
रुक, बाट देख लेगा, बच्चों केदेखने की
लगताहै जैसे जीवन भी होता है एक सफ़र ही
तयकरना है अकेले, होगा नाहमसफ़र भी
लम्हें, लोग, साथी, आयेंगे जायेंगे
बस उनकी बातें, किस्से, निशां रह जायेंगे
गम, ख़ुशी, वादे , कुछखट्टी, मीठी यादें
कुछउनमे रह जायेंगे, कुछ मुझमेरह जायेंगे
कुछ उनमे रह जायेंगे, कुछ मुझमेरह जायेंगे

हर पल मैं ही

दिल परेशां सा फिर हुआ है आज 
कहीं तुमने कुछ कहा तो नहीं दिल में 
एक आवाज़ आई है कानों में मेरे 
कहीं तुमको कुछ कहा तो नहीं किसी ने 
लब खामोश हैं मगर दिल धड़क रहा है 
जैसे लहरें उठ रही हो दूर गगन में कहीं 
तुम पास हो तो सही मगर पास नहीं 
चाह कर भी कुछ ना कर पाऊं मैं 
मगर तेरे दिल की धडकनों में शामिल
हर पल मैं ही 
हर पल मैं ही