Vikas Purohit "Poorve"

A New Age Writer and Poet

हिंदी दिवस

आज हिंदीदिवस है, 14 सितम्बर1949 को हिंदी को राजकाजकी भाषा घोषितकिया गया औरहम पागलों कीतरह उसे राष्ट्रीयभाषा मान बैठेऔर उसे अपनेस्वाभिमान से जोड़बैठे, ये तोभला हो उसइंसान का जिसनेकुछ दिन पहलेएक आरटीआई केमाध्यम से येजवाब पाया किहिंदी राजकाज कीभाषा है, राष्ट्रीयभाषा नहीं। सचमें अब दिलको कुछ सुकूनआया, कम सेकम कुछ तोबोझ हल्का हुआदिल का, अबशायद हिंदी दिवसपर लोगों केभाषण के बादथैंक यूसुन करबुरा नहीं लगेगा, क्यों बुरा लगेभाई कौनसी अपनीराष्ट्रीय भाषा है, राजकाज की भाषाथी वो भीआजकल अंग्रेजी मेंहोने लगा है।मुझे लगता हैअब वक्त गया है जबहमें इंग्लिश कोहमारी राष्ट्रीय भाषाघोषित कर देनाचाहिए, कम सेकम हम अंग्रेजीबोलने (झाड़ने) वालों केगर्व और अंग्रेजीना जानने वालोंकी हीनता कोतो न्यायोचित ठहरापाएंगे, मानसिकता तो अबबदलने से रही, एक हज़ार सालकी गुलामी हैसाहब, अब हमेंगुलामी ही रासआती है, किसीअंग्रेज के सामनेना सही, अपनीगली के दुकानदारके सामने तोअंग्रेजी झाड़ सकतेहैं।
उस हिंदी को राष्ट्रभाषा मान कर भी क्या फायदा जब किसी की बेईज्जती होती है तो भी कहतें है कि बेचारे की “हिंदी” हो गई। कल किसी से बात की किसी मुद्दे पर तो उसने कहा, ” वो क्या है ना ‘सर’, ‘एक्चुअली’ लोग बहुत ‘इमोशनल’ हो गये हैं, उन्हें आप किसी भी दिशा में ‘डाइवर्ट’ कर सकते हो। ये तो केवल एक पंक्ति है बातचीत की, आप अनुमान लगाइए कि पूरी बात किस भाषा में हुई होगी जिसे ना तो हिंदी कह सकते हैं और ना ही इंग्लिश और यहाँ तो लोग साथ में गुजराती भी ‘घुसा’ देते हैं। तब तीनों भाषाओँ के मेल से जो खिचड़ी तैयार होती है उसे पता नहीं क्या कहते है मगर ऐसा जरुर लगता है कि दिन ब दिन उसमे अंग्रेजी की मात्रा बढती जा रही है और एक दिन सिर्फ वही बोली जाएगी तब शायद सरकारी विद्यालय भी ‘अंग्रेजी मीडियम’ होने लगेंगे। फिर पता नहीं निजी विद्यालयों वालों की दुकाने कैसे चलेगी।
अरे मैं तो बहुत दूर तक पहुँच गया। खैर आप लोग अपना दिन ‘एन्जॉय’ कीजिये, मैं अपना काम करता हूँ। क्यूँ दिल पर लें, हम तो ठंडे लड़कों और गरम लड़कियों वाले जमाने से हैं ना, ओह मेरा मतलब कूल डूड्स और हॉट बेब्स से था, गलती से उनकी हिंदी हो गई। हिंदी दिवस पर ख़ुशी मनाएं या मातम ये सवाल ऐसे ही रहने देते हैं।
अच्छा जी तो जाते जाते आपसभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं। हैप्पी हिंदी डे। 

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