Vikas Purohit "Poorve"

A New Age Writer and Poet

हर पल मैं ही

दिल परेशां सा फिर हुआ है आज 
कहीं तुमने कुछ कहा तो नहीं दिल में 
एक आवाज़ आई है कानों में मेरे 
कहीं तुमको कुछ कहा तो नहीं किसी ने 
लब खामोश हैं मगर दिल धड़क रहा है 
जैसे लहरें उठ रही हो दूर गगन में कहीं 
तुम पास हो तो सही मगर पास नहीं 
चाह कर भी कुछ ना कर पाऊं मैं 
मगर तेरे दिल की धडकनों में शामिल
हर पल मैं ही 
हर पल मैं ही 

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