Vikas Purohit "Poorve"

A New Age Writer and Poet

तारीफ के लायक

मन बहुत भारी हो रहा है, वैसे किसी को लग सकता है कि रात के 1 बजे मन भारी हो रहा है तो जरूर कोई प्यार व्यार का चक्कर होगा मगर ऐसा कुछ नहीं, नींद तो आ रही है मगर सो गया तो मन की बात मन में ही रह जाएगी, लिखने के सिवा कोई और रास्ता भी नहीं खुद का दिल हल्का करने का। बस ऐसा लग रहा है जैसे कुछ किया ही नहीं जिंदगी में अभी तक, कुछ भी ऐसा जिस पर गर्व कर सकूँ, हां वैसे लिखते लिखते याद आया कि कुछ किया तो है जिससे दिल को थोड़ा सुकून मिल रहा है मगर पूरी जिंदगी के लिए उतना काफी नहीं, और ना ही ऐसा जिसे बता कर उसे करने की ख़ुशी को ख़त्म कर दूँ, बस ऐसा कुछ करना है जिससे दिल को भी ख़ुशी मिले और लोग भी प्रेरित हों। कोई ऐसा काम जिसकी लोग तारीफ करें तो लगे जैसे सच्ची तारीफ है, आज किसी दोस्त ने मजाक में कहा कि मैं तारीफ के लायक नहीं, मगर सच कहूँ तो इस एक बात ने पूरी जिंदगी को एक पल में आँखों के सामने लेकर खड़ा कर दिया, सच ही तो कहा उसने कि मैंने ऐसा क्या किया है जिसकी तारीफ की जा सके, बस कुछ एक परीक्षाएं पास की है जो कोई भी पढ़ कर पास कर सकता है, शक्ल सूरत मैंने नहीं बनाई तो उसकी तारीफ मेरी तारीफ नहीं हुई, फिर क्या किया, कुछ भी तो नहीं जिसकी तारीफ की जा सके। बड़ा गर्व करता हूँ खुद ही खुद को लेखक कह कर, मगर क्या इस कलम ने किसी का भला किया है अभी तक, नहीं ना, की है तो सदा खुद की तारीफ या दूसरों की बुराई या अधिक से अधिक समाज में जो फैली बुराई है उसे दिखने की कोशिश की है कभी कभार, मगर इतना काफी नहीं, ऐसा नहीं की तारीफ की जा सके।

अभी तक बस साधन की तलाश में लगा हूँ, ताकि जो साध्य हैं उन्हें साध सकूँ, मगर इतनी देर हो रही है कि सब्र नहीं किया जा रहा, हिम्मत धीरे धीरे छूट रही है, बस उम्मीद के दम पर कोशिशों में लगा हूँ, लक्ष्य बिलकुल स्पष्ट हैं बस रास्ता ही है जो बार बार अलग अलग मोड़ पर ले जाकर खड़ा कर देता है। इतना यकीं है कि एक दिन वो जरूर आएगा जब अपने लक्ष्य पूरे कर पाउँगा और वो सब कुछ हासिल कर पाउँगा जो सिर्फ अभी तक मन में है, सोचा बहुत बड़ा है और इसीलिए साधन जुटाने में वक्त लग रहा है और वो भी तब जब परिस्थितियां कई बार प्रतिकूल हो जाती हैं। ना तो लेखक बनना लक्ष्य है और ना ही नाम कामना, लक्ष्य तभी बताऊंगा जब उसे हासिल करने की तरफ थोड़ा और आगे बढ़ जाऊंगा।

आज खुद के साथ उस दोस्त को भी दिल से कहना चाहूंगा कि तुम्हारा बहुत शुक्रिया और हां मैं तुम्हे यकीन दिलाता हूँ कि तुम्हे एक दिन मेरी तारीफ करने लायक जरूर कुछ कर के दिखाऊंगा और शायद तुम्हे ये गर्व करने का मौका भी दे सकूँ कि मैं तुम्हारा दोस्त हूँ।

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